Skip to content

UK Fast Khabar

Connect with Us

  • Facebook
  • Twitter
  • Linkedin
  • VK
  • Youtube
  • Instagram

Categories

  • Biography
  • BJP
  • blog
  • Business
  • CONGRESS
  • crime
  • Dehardun
  • Economy
  • employment
  • Model
  • Naitional
  • National
  • New tehri
  • News
  • Newsbeat
  • Politics
  • Stories
  • Tech
  • Uncategorized
  • World
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अपराध
  • अल्मोड़ा
  • आपका शहर
  • आपदा
  • इतिहास
  • उत्तर प्रदेश
  • उत्तरकाशी
  • उत्तरराखंड विधानसभा
  • उत्तराखंड
  • उत्तराखण्ड
  • ऊधम सिंह नगर
  • ऋषिकेश
  • केदारनाथ
  • क्राइम
  • खबर हटकर
  • खेल
  • गैरसैण
  • चमोली
  • चम्पावत
  • चलो चले देवभूमि
  • चारधाम
  • चारधाम यात्रा
  • जम्मू-कश्मीर
  • जोशीमठ
  • टिहरी
  • टेक्नॉलॉजी
  • टेक्नोलॉजी
  • ट्रेंडिंग खबरें
  • ताज़ा ख़बर
  • ताज़ा ख़बरें
  • दिल्ली
  • दुर्घटना
  • देश
  • देश-विदेश
  • देहरादून
  • देहरादून/मसूरी
  • धर्म-संस्कृति
  • धामी सरकार
  • नई दिल्ली
  • नैनीताल
  • न्यूज़
  • पर्यटन
  • पिथौरागढ़
  • पुलिस
  • बाजार
  • बिहार
  • भारत
  • मनोरंजन
  • मसूरी
  • मुंबई
  • मौसम
  • राजधानी दिल्ली
  • राजनीति
  • रुड़की
  • रुद्रपुर
  • रुद्रप्रयाग
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • विदेश
  • व्यापार
  • शिक्षा
  • शिक्षा/रोजगार
  • श्रीनगर
  • सेना
  • सोशल मीडिया वायरल
  • स्वास्थ्य
  • हरिद्वार
  • हल्द्वानी
Primary Menu
  • Home
  • उत्तराखंड
  • देहरादून/मसूरी
  • भारत
  • विदेश
  • राजधानी दिल्ली
  • राजनीति
  • सोशल मीडिया वायरल
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • खेल
  • News
Live

उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण से जमीअत नाखुश, मदरसों के अस्तित्व पर संकट बताया

Uk Fast Khabar July 2, 2026

जमीअत उलेमा-ए-हिंद ने यह भी कहा कि उत्तराखंड के नए कानून को उच्च न्यायालय में चुनौती दी जा चुकी है

देहरादून: उत्तराखंड में 30 जून को मदरसा बोर्ड की समाप्ति के साथ ही 1 जुलाई से अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण की शुरुआत हो गई है. जमीअत उलेमा-ए-हिंद ने इस नई व्यवस्था पर गंभीर आपत्तियां दर्ज कराई हैं. इसके प्रवक्ता ने सरकार से कानून के क्रियान्वयन पर पुनर्विचार और हाईकोर्ट के अंतिम फैसले तक किसी भी कठोर कार्रवाई को स्थगित रखने की मांग की है. जमीअत के प्रवक्ता ने मदरसों के अस्तित्व पर संकट भी बताया.

अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण पर जमीअत का सवाल: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का शुभारंभ किए जाने के बाद इस मुद्दे पर प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है. जमीअत उलेमा-ए-हिंद, उत्तराखंड ने प्राधिकरण से संबंधित नई व्यवस्था को लेकर आधिकारिक बयान जारी किया है. उन्होंने इसे केवल प्रशासनिक बदलाव नहीं, बल्कि संविधान द्वारा प्रदत्त धार्मिक और शैक्षिक अधिकारों से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय बताया है.

संविधानिक अधिकारों के हनन की जताई आशंका: जमीअत उलेमा-ए-हिंद, उत्तराखंड ने कहा कि राज्य सरकार वर्ष 2012 में गठित उत्तराखंड मदरसा शिक्षा व्यवस्था को समाप्त कर उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के माध्यम से मदरसों के लिए नई व्यवस्था लागू कर रही है. संगठन का कहना है कि इस विषय को केवल प्रशासनिक सुधार के रूप में नहीं देखा जा सकता, क्योंकि यह सीधे तौर पर धार्मिक स्वतंत्रता और अल्पसंख्यकों के शैक्षिक अधिकारों से जुड़ा हुआ है.

जारी बयान में जमीअत ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 25, 26, 29 और 30 का उल्लेख करते हुए कहा कि संविधान प्रत्येक नागरिक को अपने धर्म का पालन, आचरण और प्रचार करने का अधिकार देता है. साथ ही धार्मिक एवं भाषाई अल्पसंख्यकों को अपनी पसंद के शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना और संचालन का विशेष संरक्षण भी प्रदान करता है. संगठन का कहना है कि किसी भी नई व्यवस्था को लागू करते समय इन संवैधानिक प्रावधानों का सम्मान किया जाना आवश्यक है.

जमीअत ने यह भी कहा कि उत्तराखंड में मदरसा बोर्ड का गठन वर्ष 2012 में हुआ था. उससे पहले भी प्रदेश के मदरसे स्वतंत्र रूप से संचालित होते रहे हैं. समाज के सहयोग से धार्मिक और नैतिक शिक्षा का कार्य लंबे समय से चलता रहा है. ऐसे में यह मानना उचित नहीं होगा कि मदरसों का अस्तित्व केवल मदरसा बोर्ड पर निर्भर रहा है. संगठन ने अपने बयान में न्यायालयों के विभिन्न निर्णयों का हवाला देते हुए कहा कि पूर्णतः धार्मिक शिक्षा प्रदान करने वाले संस्थानों की प्रकृति सामान्य विद्यालयों से अलग होती है. इसलिए उन पर सामान्य शिक्षण संस्थानों की तरह सभी नियमों को समान रूप से लागू करना व्यावहारिक और न्यायसंगत नहीं माना जा सकता.

सरकार से कठोर और दंडात्मक कार्रवाई से बचने की अपील: जमीअत उलेमा-ए-हिंद ने यह भी कहा कि उत्तराखंड के नए कानून को उच्च न्यायालय में चुनौती दी जा चुकी है और मामला न्यायालय में विचाराधीन है. ऐसे में अंतिम न्यायिक निर्णय आने तक सरकार को किसी भी प्रकार की कठोर अथवा दंडात्मक कार्रवाई से बचना चाहिए. संगठन ने नई व्यवस्था से संभावित परेशानियों का भी उल्लेख किया है. जमीअत के अनुसार नई व्यवस्था लागू होने पर संस्थानों को अलग-अलग विभागों से मान्यता लेने की आवश्यकता पड़ सकती है, जिससे नियमों और प्रक्रियाओं के अनुपालन में व्यावहारिक कठिनाइयां उत्पन्न होंगी. इसके अलावा मदरसों में पहले से निर्धारित धार्मिक शिक्षा की समय-सारणी प्रभावित होने की आशंका भी जताई गई है.

प्राधिकरण धार्मिक संस्थानों की स्वायत्ता को प्रभावित कर सकता है- जमीअत: मोहम्मद शाह नज़र, प्रवक्ता जमीअत उलेमा ए हिंद ने अपने बयान में कहा कि-

उत्तराखंड कि कुछ मदरसे पहले से सीबीएसई और आईसीएसई जैसे बोर्डों से संबद्ध हैं. नई व्यवस्था में ऐसे संस्थानों की स्थिति को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश सामने नहीं आए हैं. धार्मिक शिक्षा के पाठ्यक्रम और स्वरूप को लेकर प्राधिकरण की भूमिका धार्मिक संस्थानों की स्वायत्तता को प्रभावित कर सकती है.
-मोहम्मद शाह नज़र, प्रवक्ता जमीअत उलेमा ए हिंद-

Continue Reading

Previous: बम-बम भोले के जयघोष के साथ अमरनाथ यात्रा शुरू, श्रद्धालुओं के पहले जत्थे को LG मनोज सिन्हा ने दिखाई झंडी
Next: नैनीताल में 1 अगस्त से मॉल रोड पर हॉर्न बजाना पूरी तरह प्रतिबंधित, उल्लंघन पर होगा सख्त एक्शन

Related Stories

EICMA में पेश होने से पहले नई Royal Enfield Himalayan 750 का खुलासा, देखें कैसा है डिजाइन

EICMA में पेश होने से पहले नई Royal Enfield Himalayan 750 का खुलासा, देखें कैसा है डिजाइन

November 2, 2026
उत्तराखंड में फिलहाल लोगों को नहीं मिल पाएंगी स्वास्थ्य संबंधी जानकारियां, जानिए क्या है वजह?

उत्तराखंड में फिलहाल लोगों को नहीं मिल पाएंगी स्वास्थ्य संबंधी जानकारियां, जानिए क्या है वजह?

November 2, 2026
उत्तराखंड में आज इन जिलों में बारिश और बर्फबारी के आसार, घाटियों में कोहरा बढ़ा सकता है टेंशन

उत्तराखंड में आज इन जिलों में बारिश और बर्फबारी के आसार, घाटियों में कोहरा बढ़ा सकता है टेंशन

November 2, 2026
https://youtu.be/nAT_GIt1h28
https://youtu.be/7qufZ7Uns2k

Connect with Us

  • Facebook
  • Twitter
  • Linkedin
  • VK
  • Youtube
  • Instagram

You may have missed

EICMA में पेश होने से पहले नई Royal Enfield Himalayan 750 का खुलासा, देखें कैसा है डिजाइन

EICMA में पेश होने से पहले नई Royal Enfield Himalayan 750 का खुलासा, देखें कैसा है डिजाइन

November 2, 2026
उत्तराखंड में फिलहाल लोगों को नहीं मिल पाएंगी स्वास्थ्य संबंधी जानकारियां, जानिए क्या है वजह?

उत्तराखंड में फिलहाल लोगों को नहीं मिल पाएंगी स्वास्थ्य संबंधी जानकारियां, जानिए क्या है वजह?

November 2, 2026
उत्तराखंड में आज इन जिलों में बारिश और बर्फबारी के आसार, घाटियों में कोहरा बढ़ा सकता है टेंशन

उत्तराखंड में आज इन जिलों में बारिश और बर्फबारी के आसार, घाटियों में कोहरा बढ़ा सकता है टेंशन

November 2, 2026
केदारनाथ धाम की ऐसी तस्वीरें पहले नहीं देखी होंगी आपने, बर्फबारी ने बढ़ाई धाम की दिव्यता

केदारनाथ धाम की ऐसी तस्वीरें पहले नहीं देखी होंगी आपने, बर्फबारी ने बढ़ाई धाम की दिव्यता

November 2, 2026

About Us

Founder – INDRA
Website – www.ukfastkhabar.com
Email – ukfastkhabar@gmail.com
Phone – +91-9917070725
Address –Naithani House, Lane No. 4 Devpuram Enclave, Badripur, Dehradun, 208005, Uk

Categories

BJP blog Dehardun Naitional National News Newsbeat Politics Tech World अपराध आपका शहर उत्तराखंड ऋषिकेश क्राइम खबर हटकर खेल चारधाम चारधाम यात्रा टेक्नॉलॉजी ट्रेंडिंग खबरें ताज़ा ख़बर ताज़ा ख़बरें दिल्ली दुर्घटना देश-विदेश देहरादून देहरादून/मसूरी धर्म-संस्कृति धामी सरकार नैनीताल न्यूज़ पर्यटन बाजार भारत मनोरंजन मौसम राजधानी दिल्ली राजनीति रुद्रपुर विदेश शिक्षा सोशल मीडिया वायरल स्वास्थ्य हरिद्वार

Recent Posts

  • EICMA में पेश होने से पहले नई Royal Enfield Himalayan 750 का खुलासा, देखें कैसा है डिजाइन
  • उत्तराखंड में फिलहाल लोगों को नहीं मिल पाएंगी स्वास्थ्य संबंधी जानकारियां, जानिए क्या है वजह?
  • उत्तराखंड में आज इन जिलों में बारिश और बर्फबारी के आसार, घाटियों में कोहरा बढ़ा सकता है टेंशन
  • केदारनाथ धाम की ऐसी तस्वीरें पहले नहीं देखी होंगी आपने, बर्फबारी ने बढ़ाई धाम की दिव्यता
  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Facebook
  • Twitter
  • Linkedin
  • VK
  • Youtube
  • Instagram
Copyright ©Uk Fast Khabar 2023, Design & Develop by Manish Naithani (9084358715). All rights reserved. | MoreNews by AF themes.