मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को व्यासी जलविद्युत परियोजना की 220 केवी लाइन के निर्माण से प्रभावित पछवादून के किसानों को मुआवजे के रूप में 11.88 लाख रुपये की धनराशि वितरित की। व्यासी जलविद्युत परियोजना की 220 केवी लाइन निर्माण से पछवादून के विन्हर क्षेत्र जाखन के किसान प्रभावित हुए हैं। किसानों ने उन्हें समय पर मुआवजा प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को व्यासी जलविद्युत परियोजना की 220 केवी लाइन के निर्माण से प्रभावित पछवादून के किसानों को मुआवजे के रूप में 11.88 लाख रुपये की धनराशि वितरित की। व्यासी जलविद्युत परियोजना की 220 केवी लाइन निर्माण से पछवादून के विन्हर क्षेत्र, जाखन के किसान प्रभावित हुए हैं।
मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में शनिवार को आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री धामी ने 17 किसानों को भूमि एवं वृक्षों के मुआवजे की राशि वितरित की। किसानों ने उन्हें समय पर मुआवजा प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने यह भी कहा कि 16 अगस्त को अतिवृष्टि और भूस्खलन से जानमाल के नुकसान को रोकने के लिए प्रशासन ने शीघ्र व्यवस्था की और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया।
उत्तराखंड विद्युत पारेषण निगम के प्रबंध निदेशक पीसी ध्यानी ने बताया कि 16 अगस्त को विन्हर क्षेत्र में अतिवृष्टि के कारण परियोजना की पारेषण लाइन का एक टावर क्षतिग्रस्त हो गया था, जबकि अन्य टावर की नींव के पास अत्यधिक भूमि कटान हुआ है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर उन्होंने तत्काल अधिकारियों के साथ स्थलीय निरीक्षण कर एंकरिंग कर आवश्यक सुरक्षा उपाय किए। झुके हुए टावर के एक सर्किट से विद्युत उत्पादन की निकासी बहाल कराई गई। इसमें ग्रामीणों का पूरा सहयोग मिला।
नएटावर से ऊर्जा निकासी में लगेगा समय
उन्होंने बताया कि पावर ग्रिड से ईआरएस टावर मंगाकर व्यासी परियोजना से उत्पादित 120 मेगावाट विद्युत की निकासी को सुरक्षात्मक वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है। ईआरएस टावर से ऊर्जा निकासी में लगभग 15 दिन का समय लग सकता है। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष मधु चौहान, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, ऊर्जा अपर सचिव डॉ. अहमद इकबाल उपस्थित थे।

