प्रदेश में ई-मोबिलिटी और सौर ऊर्जा के अधिक उपयोग के लिए राज्य सरकार आमजन को प्रेरित कर रही है। इसी क्रम में चारधाम यात्रा मार्गों पर जल्द ही 27 ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के कार्य शुरू किए जाएंगे। इसके लिए तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। अगले छह माह में चारों धामों के मार्गों पर 30 से 35 किमी के अंतराल पर चार्जिंग स्टेशन उपलब्ध होंगे।
इसके अलावा, राज्य सरकार ने वर्ष 2030 तक कुल वाहनों का 30 प्रतिशत ई-मोबिलिटी अपनाने का लक्ष्य रखा है, जिसके लिए सब्सिडी की व्यवस्था और ईवी की नई नीति तैयार की जा रही है। उत्तराखंड रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी (उरेडा) की ओर से आयोजित कार्यशाला में यह जानकारी दी गई।
आयाेजित की कार्यशाला
मंगलवार को ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशिएंसी (बीईई) के सहयोग से जीएमएस रोड स्थित एक होटल में उरेडा ने ई-मोबिलिटी विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया, जिसमें उरेडा के मुख्य परियोजना अधिकारी राजीव गुप्ता ने प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कार्यशाला के उद्देश्य से रूबरू कराया।
बताया कि कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने के लिए ई-मोबिलिटी की आवश्यकता है। उप मुख्य परियोजना अधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि बीईई की स्टेट डेजिग्नेटेड एजेंसी के रूप में उत्तराखंड में ऊर्जा संरक्षण की दिशा में विभिन्न कार्यक्रम उरेडा के माध्यम से संचालित किए जा रहे हैं, जिसमें ई-मोबिलिटी के साथ सौर ऊर्जा का अधिक से अधिक उपयोग कर परिवहन क्षेत्र में चार्जिंग के लिए स्वच्छ ऊर्जा को प्रोत्साहित किया जा सके। कार्यशाला में स्मार्ट सिटी देहरादून के मुख्य महाप्रबंधक अतुल जैन, संभागीय परिवहन अधिकारी सुनील शर्मा और ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता विवेक राजपूत ने स्टेक होल्डर के रूप में ई-मोबिलिटी पर प्रस्तुतीकरण दिया। इसके अलावा, बीएंड पीबी इलेक्ट्रिक मोबिलिटी प्राइवेट लिमिटेड दिल्ली के अध्यक्ष विभोर मित्तल और एमजी मोटर्स के मैनेजर अनूप किशोर ने भी ईवी का प्रस्तुतीकरण दिया।
चारधाम मार्गों पर 950 किमी में बनेंगे 27 ईवी चार्जिंग स्टेशन
परिवहन विभाग की ओर से भेजे गए प्रस्ताव के अनुसार, चार धाम मार्गों के करीब 950 किलोमीटर लंबी सड़कों पर 27 इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे, जिसमें करीब 35 किलोमीटर की दूरी पर एक चार्जिंग स्टेशन होगा। केंद्र सरकार से सहमति मिलते ही कार्य शुरू कर दिया जाएगा। अगले छह माह में यह चार्जिंग स्टेशन स्थापित होने की उम्मीद है।
प्रदेश में तेजी से बढ़ रहा ईवी का चलन
उत्तराखंड के प्रमुख शहरों में इलेक्ट्रिक व्हीकल का चलन तेजी से बढ़ रहा है। प्रदेश में अब तक कुल 48573 ईवी पंजीकृत हैं। जिसमें 11307 दोपहिया, 36447 तिपहिया, 789 चार पहिया वाहन के साथ-साथ 30 बसें शामिल हैं। राज्य सरकार ईवी की खरीद के लिए आमजन को प्रेरित कर रही है।

