प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के 700 करोड़ रुपये के कार्यों में अनियमितता पाई गई है। टेंडर प्रक्रिया में मानकों का पालन न करने की शिकायत पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) डा. आर राजेश कुमार ने पीएमजीएसवाई के मुख्य अभियंता कार्यालय पर छापा मारा। इस दौरान सीईओ ने टेंडर से संबंधित कई फाइलें कब्जे में ली। पता चला कि 700 करोड़ के हिसाब में फेर बदल।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के 700 करोड़ रुपये के कार्यों में अनियमितता पाई गई है। टेंडर प्रक्रिया में मानकों का पालन न करने की शिकायत पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) डा. आर राजेश कुमार ने पीएमजीएसवाई के मुख्य अभियंता कार्यालय पर छापा मारा। इस दौरान सीईओ ने टेंडर से संबंधित कई फाइलें कब्जे में ली।
पता चला कि मुख्य अभियंता ने सड़क निर्माण के 700 करोड़ रुपये से अधिक के 104 कार्यों में सक्षम स्तर से अनुमति ही प्राप्त नहीं की। प्रकरण में सीईओ डा. आर राजेश कुमार ने मुख्य अभियंता को कारण बताओ नोटिस जारी करने के साथ ही जांच टीम गठित कर दी है। पीएमजीएसवाई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) डा. आर राजेश कुमार को शिकायत मिली थी कि मुख्य अभियंता बिना सक्षम अनुमति के ही टेंडर को भारत सरकार की साइट पर अपलोड कर रहे हैं। टेंडर, प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए नियमानुसार सीईओ की अनुमति जरूरी होती है।
कार्यालय पर छापा मार कर छानबीन हो रही है
जो टेंडर अपलोड किए जा रहे थे, वह भी गिने-चुने नहीं, बल्कि 700 करोड़ रुपये से अधिक के 104 कार्यों के थे। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए सीईओ डा. आर राजेश ने शुक्रवार देर रात को मुख्य अभियंता कार्यालय पर छापा मारकर छानबीन शुरू कर दी। यह स्पष्ट हो गया की टेंडर बिना अनुमति के भारत सरकार की वेबसाइट पर अपलोड किए गए हैं। टेंडर अपलोड करने के लिए विभागीय नियमों का पालन करने से परहेज क्यों किया गया, यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है।
मामले की जांच को लेकर कमेटी का गठन हुआ है
इसकी तह तक जाने के लिए सीईओ डॅा आर राजेश कुमार ने जांच कमेटी गठित कर दी है। कमेटी की अध्यक्षता स्वयं सीईओ करेंगे। इसके अलावा मुख्य अभियंता को नोटिस जारी कर जवाब तलब भी किया गया है। जांच पूरी होने तक टेंडर पर रोक बिना अनुमति अपलोड किए गए टेंडर पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। जांच पूरी होने तक टेंडर प्रक्रिया स्थगित रहेगी और रिपोर्ट के मुताबिक आगे की कार्रवाई की जाएगी। पीएमजीएसवाई की टेंडर प्रक्रिया पर उठती रही है अंगुलियां पीएमजीएसवाई के कार्यों में टेंडर प्रक्रिया को लेकर हमेशा सवाल खड़े होते रहे हैं। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में भाजपा के तत्कालीन विधायक मुन्ना सिंह चौहान एक हजार करोड़ रुपये से अधिक के कार्यों में टेंडर मानकों का पालन न करने का आरोप लगा चुके हैं। तब यह बात भी आई थी कि सिंगल टेंडर पर भी काम दिए जा रहे हैं।

