Skip to content
UK Fast Khabar

UK Fast Khabar

Connect with Us

  • Facebook
  • Twitter
  • Linkedin
  • VK
  • Youtube
  • Instagram

Categories

  • Biography
  • BJP
  • blog
  • Business
  • CONGRESS
  • crime
  • Dehardun
  • Economy
  • employment
  • Model
  • National
  • New tehri
  • News
  • Newsbeat
  • Politics
  • Stories
  • Tech
  • Uncategorized
  • World
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अपराध
  • अल्मोड़ा
  • आपका शहर
  • आपदा
  • इतिहास
  • उत्तर प्रदेश
  • उत्तरकाशी
  • उत्तरराखंड विधानसभा
  • उत्तराखंड
  • उत्तराखण्ड
  • ऊधम सिंह नगर
  • ऋषिकेश
  • क्राइम
  • खबर हटकर
  • खेल
  • गैरसैण
  • चमोली
  • चम्पावत
  • चलो चले देवभूमि
  • चारधाम
  • चारधाम यात्रा
  • जम्मू-कश्मीर
  • टिहरी
  • टेक्नॉलॉजी
  • ट्रेंडिंग खबरें
  • ताज़ा ख़बर
  • ताज़ा ख़बरें
  • दिल्ली
  • दुर्घटना
  • देश
  • देश-विदेश
  • देहरादून
  • देहरादून/मसूरी
  • धर्म-संस्कृति
  • धामी सरकार
  • नई दिल्ली
  • नैनीताल
  • न्यूज़
  • पर्यटन
  • पिथौरागढ़
  • पुलिस
  • बाजार
  • बिहार
  • भारत
  • मनोरंजन
  • मसूरी
  • मुंबई
  • मौसम
  • राजधानी दिल्ली
  • राजनीति
  • रुड़की
  • रुद्रपुर
  • रुद्रप्रयाग
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • विदेश
  • व्यापार
  • शिक्षा
  • शिक्षा/रोजगार
  • श्रीनगर
  • सेना
  • सोशल मीडिया वायरल
  • स्वास्थ्य
  • हरिद्वार
  • हल्द्वानी
Primary Menu
  • Home
  • उत्तराखंड
  • देहरादून/मसूरी
  • भारत
  • विदेश
  • राजधानी दिल्ली
  • राजनीति
  • सोशल मीडिया वायरल
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • खेल
  • News
Live

घोड़े के वर्ष में दिव्य होगा कैलाश मानसरोवर सफर, यात्रियों को मिलेगा 12 यात्राओं का पुण्य

Uk Fast Khabar July 6, 2026

कैलाश मानसरोवर यात्रियों के लिए इस बार यात्रा काफी खास होने जा रही है. तिब्बती पंचांग के अनुसार दुर्लभ योग बन रहा है.

देहरादून (उत्तराखंड): कैलाश मानसरोवर यात्रियों के लिए इस बार यह धार्मिक यात्रा बेहद खास होने जा रही है. दरअसल इसकी वजह तिब्बती पंचांग में वो अश्व वर्ष है, जिसे एक दुर्लभ खगोलीय घटना के रूप में शुभ वर्ष माना गया है. खास बात यह है कि इस दौरान कैलाश मानसरोवर यात्रा के तिब्बत क्षेत्र में कई धार्मिक आयोजनों को भी किया जाता है, जिससे यात्री रूबरू हो पाएंगें.

कैलाश मानसरोवर यात्रियों के लिए इस बार की यात्रा कई मायनों में बेहद खास और ऐतिहासिक होने जा रही है. इसकी सबसे बड़ी वजह तिब्बती पंचांग में शुरू हुआ अश्व वर्ष है, जिसे अत्यंत शुभ और दुर्लभ आध्यात्मिक संयोग माना जाता है. मान्यता है कि इस वर्ष में कैलाश पर्वत की परिक्रमा और मानसरोवर के दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं को सामान्य वर्षों की तुलना में कई गुना अधिक पुण्य प्राप्त होता है. खास बात यह भी है कि इस दौरान तिब्बत में कई विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन होते हैं, जिनका अनुभव इस बार यात्रा में शामिल होने वाले श्रद्धालु भी कर सकेंगे.

कैलाश पर्वत और मानसरोवर झील का महत्व केवल हिंदू धर्म तक सीमित नहीं है. बौद्ध, जैन और बोन धर्म के अनुयायियों के लिए भी यह स्थल अत्यंत पवित्र और आस्था का केंद्र माना जाता है. यही कारण है कि हर वर्ष दुनिया के विभिन्न देशों से हजारों श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं और कैलाश पर्वत की परिक्रमा तथा मानसरोवर झील के दर्शन कर आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त करते हैं.

वैसे तो हर साल कैलाश मानसरोवर यात्रा अपने धार्मिक महत्व और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण विशेष मानी जाती है, लेकिन इस बार तिब्बती पंचांग के अश्व वर्ष ने इसकी महत्ता को और बढ़ा दिया है. तिब्बती मान्यताओं के अनुसार यह वर्ष एक दुर्लभ खगोलीय और आध्यात्मिक संयोग का प्रतीक होता है, जो कैलाश यात्रा और पर्वत परिक्रमा के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है.

दरअसल तिब्बती पंचांग में समय का निर्धारण 12 पशुओं के चक्र के आधार पर किया जाता है. इसमें चूहा, बैल, बाघ, खरगोश, ड्रेगन, सांप, घोड़ा, बकरी, बंदर, मुर्गा, कुत्ता और सूअर शामिल हैं। इन सभी पशुओं का अपना अलग आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व माना जाता है। इनमें सातवें स्थान पर आने वाला घोड़े का वर्ष विशेष रूप से ऊर्जा, शक्ति, स्वतंत्रता, गति और प्रगति का प्रतीक माना जाता है.

तिब्बती परंपरा के अनुसार प्रत्येक पशु वर्ष पांच तत्वों के साथ जुड़ा होता है. ये तत्व अग्नि, जल, पृथ्वी, वायु और लकड़ी हैं. हर 60 वर्ष बाद किसी पशु और तत्व का वही संयोजन दोबारा आता है. इस बार घोड़े के साथ अग्नि तत्व का संयोग बना है, जिसे अग्नि अश्व वर्ष कहा जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह संयोजन आध्यात्मिक उन्नति, सकारात्मक ऊर्जा और शुभ फल प्रदान करने वाला माना जाता है.

मान्यता यह भी है कि अश्व वर्ष के दौरान कैलाश पर्वत की परिक्रमा करने वाले श्रद्धालुओं को 12 बार यात्रा करने के बराबर पुण्य प्राप्त होता है. यही वजह है कि इस वर्ष को कैलाश यात्रियों के लिए विशेष अवसर के रूप में देखा जा रहा है. दुनिया भर से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के इस अवधि में यात्रा करने की संभावना जताई जा रही है. इतना ही नहीं अश्व वर्ष के पवित्र महीनों में तिब्बत क्षेत्र में कई विशेष धार्मिक अनुष्ठान, प्रार्थना सभाएं और आध्यात्मिक आयोजन भी आयोजित किए जाते हैं. इन्हें स्थानीय स्तर पर एक प्रकार के धार्मिक महोत्सव या महाकुंभ के रूप में देखा जाता है. इस बार कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं को इन आयोजनों को करीब से देखने और उनका हिस्सा बनने का भी अवसर मिलेगा.

जाहिर है कि आस्था, आध्यात्मिकता और दुर्लभ धार्मिक संयोगों से जुड़ा यह वर्ष कैलाश मानसरोवर यात्रियों के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव साबित हो सकता है. यही कारण है कि इस बार की यात्रा को केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं बल्कि एक विशेष आध्यात्मिक अवसर के रूप में देखा जा रहा है, जिसका इंतजार वर्षों से श्रद्धालु करते रहे हैं.

Continue Reading

Previous: नासा के स्विफ्ट टेलीस्कोप को बचाने के लिए स्पेसक्राफ्ट हुआ लॉन्च, 30 मिलियन डॉलर खर्च करेगी एजेंसी
Next: STF का फर्जी शस्त्र लाइसेंस सिंडिकेट पर बड़ा प्रहार, 13वीं गिरफ्तारी से राष्ट्रीय स्तर तक जांच की आहट

Related Stories

भारी बारिश से लगातार बढ़ रहा कोसी नदी का जलस्तर, 1993 की बाढ़ का मंजर याद कर सिहर उठते हैं लोग

भारी बारिश से लगातार बढ़ रहा कोसी नदी का जलस्तर, 1993 की बाढ़ का मंजर याद कर सिहर उठते हैं लोग

September 8, 2026
डोईवाला में आवारा कुत्तों का आतंक, बाड़े में घुसकर 33 भेड़-बकरियों को मार डाला

डोईवाला में आवारा कुत्तों का आतंक, बाड़े में घुसकर 33 भेड़-बकरियों को मार डाला

September 8, 2026
मंच शुद्धिकरण विवाद में फिर आया नया मोड़, शिकायतकर्ता की पहचान पर उठे सवाल

मंच शुद्धिकरण विवाद में फिर आया नया मोड़, शिकायतकर्ता की पहचान पर उठे सवाल

September 8, 2026
https://youtu.be/mr6MrumB0_k

Connect with Us

  • Facebook
  • Twitter
  • Linkedin
  • VK
  • Youtube
  • Instagram

You may have missed

भारी बारिश से लगातार बढ़ रहा कोसी नदी का जलस्तर, 1993 की बाढ़ का मंजर याद कर सिहर उठते हैं लोग

भारी बारिश से लगातार बढ़ रहा कोसी नदी का जलस्तर, 1993 की बाढ़ का मंजर याद कर सिहर उठते हैं लोग

September 8, 2026
डोईवाला में आवारा कुत्तों का आतंक, बाड़े में घुसकर 33 भेड़-बकरियों को मार डाला

डोईवाला में आवारा कुत्तों का आतंक, बाड़े में घुसकर 33 भेड़-बकरियों को मार डाला

September 8, 2026
मंच शुद्धिकरण विवाद में फिर आया नया मोड़, शिकायतकर्ता की पहचान पर उठे सवाल

मंच शुद्धिकरण विवाद में फिर आया नया मोड़, शिकायतकर्ता की पहचान पर उठे सवाल

September 8, 2026
12 घंटे से 6 साल की विधिका की तलाश जारी, कूड़े के दलदल के कारण रेस्क्यू में आ रही दिक्कत, कल नाले में बही थी

12 घंटे से 6 साल की विधिका की तलाश जारी, कूड़े के दलदल के कारण रेस्क्यू में आ रही दिक्कत, कल नाले में बही थी

September 8, 2026

About Us

Founder – INDRA
Website – www.ukfastkhabar.com
Email – ukfastkhabar@gmail.com
Phone – +91-9917070725
Address –Naithani House, Lane No. 4 Devpuram Enclave, Badripur, Dehradun, 208005, Uk

Categories

BJP blog Dehardun National News Newsbeat Politics Tech World अपराध आपका शहर उत्तरकाशी उत्तराखंड ऋषिकेश क्राइम खबर हटकर खेल चारधाम चारधाम यात्रा टेक्नॉलॉजी ट्रेंडिंग खबरें ताज़ा ख़बर ताज़ा ख़बरें दिल्ली दुर्घटना देश-विदेश देहरादून देहरादून/मसूरी धर्म-संस्कृति धामी सरकार नैनीताल न्यूज़ पर्यटन बाजार भारत मनोरंजन मौसम राजधानी दिल्ली राजनीति रुद्रपुर विदेश शिक्षा सोशल मीडिया वायरल स्वास्थ्य हरिद्वार

Recent Posts

  • भारी बारिश से लगातार बढ़ रहा कोसी नदी का जलस्तर, 1993 की बाढ़ का मंजर याद कर सिहर उठते हैं लोग
  • डोईवाला में आवारा कुत्तों का आतंक, बाड़े में घुसकर 33 भेड़-बकरियों को मार डाला
  • मंच शुद्धिकरण विवाद में फिर आया नया मोड़, शिकायतकर्ता की पहचान पर उठे सवाल
  • 12 घंटे से 6 साल की विधिका की तलाश जारी, कूड़े के दलदल के कारण रेस्क्यू में आ रही दिक्कत, कल नाले में बही थी
  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Facebook
  • Twitter
  • Linkedin
  • VK
  • Youtube
  • Instagram
Copyright ©Uk Fast Khabar 2023, Design & Develop by Manish Naithani (9084358715). All rights reserved. | MoreNews by AF themes.