प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिकी दौरे पर रवाना हो गए हैं। बुधवार को शुरू हुई विजिट रविवार को समाप्त होगी। मोदी मार्च में बांग्लादेश के आजादी उत्सव में शिरकत के लिए ढाका गए थे। इसके बाद उनका यह सिर्फ दूसरा विदेशी दौरा है। अमेरिका में उन्हें कई कार्यक्रमों में शिरकत करना है। सबसे ज्यादा नजर मोदी और बाइडेन की पहली आमने-सामने होने वाली पहली मुलाकात पर होगी। इसके साथ ही वे क्वॉड नेताओं से भी मिलेंगे।
कौन साथ रहेगा
मोदी के साथ इस दौरे में विदेश मंत्री सुब्रमण्यम जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रिंगला भी मौजूद रहेंगे। इनके अलावा डिफेंस और विदेश मंत्रालय के कुछ अफसर भी इस विजिट पर जा रहे हैं। यहां प्रधानमंत्री के दौरे का पूरा शेड्यूल।
23 सितंबर
(1) प्रधानमंत्री की पहली बाइलेट्रल मीटिंग अमेरिकी वाइस प्रेसिडेंट कमला हैरिस से होगी। हैरिस और मोदी की यह पहली आमने-सामने बातचीत होगी। कमला जब विपक्ष में थीं तब उन्होंने कश्मीर और मानवाधिकारों पर कुछ ऐसे बयान दिए थे, जिससे भारत खुश नहीं था, लेकिन सत्ता में आने के बाद हालात काफी बदल चुके हैं और अमेरिका को इस वक्त भारत की सबसे ज्यादा जरूरत है। लिहाजा, इस मीटिंग में सबकुछ गुड-गुड होने की उम्मीद की जा सकती है।
(2) 5 CEOs से मुलाकात : हमेशा की तरह प्रधानमंत्री का शेड्यूल टाइट रहेगा। कमला हैरिस से मुलाकात के बाद वो अमेरिका की टॉप 5 कंपनियों के CEOs से मुलाकात करेंगे। पहले सिर्फ एप्पल के CEO टिम कुक से मिलना तय था, लेकिन अब वे पांच CEOs से बातचीत करने वाले हैं। जाहिर है, इस दौरान भारत में निवेश ही मोदी के एजेंडे पर होगा।
(3) सुगा और मॉरिसन से मीटिंग : क्वॉड में चार देश भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान शामिल हैं। चूंकि बाइडेन से अलग मुलाकात का शेड्यूल तय है, लिहाजा बाकी दो राष्ट्राध्यक्षों से प्रधानमंत्री अलग से मिलेंगे। जानकारी के मुताबिक, यह मीटिंग ट्राइलेट्रल यानी त्रिपक्षीय हो सकती है। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन और जापान के प्रधानमंत्री योशिहिदे सुगा एक साथ मोदी से मिलेंगे।
24 सितंबर
(1) मोदी और बाइडेन की आमने सामने पहली मुलाकात। दुनियाभर की इस पर निगाहें होंगी। इस दौरान डिफेंस, आपसी रिश्ते, भारतीयों के वीजा मुद्दे और ट्रेड पर चर्चा होना तय लग रहा है। मोटे तौर पर सहमति बनेगी। बाद में मंत्रालय स्तर पर काम होता रहेगा।
(2) कूटनीति और रक्षा दोनों के लिहाज से यह सबसे अहम मीटिंग होगी। क्वॉड देशों के चारों राष्ट्राध्यक्ष पहली बार आमने-सामने मुलाकात करेंगे। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन और जापान के प्रधानमंत्री योशिहिदे सुगा के अलावा प्रेसिडेंट जो बाइडेन भी मोदी के साथ एक मेज पर बैठेंगे। इस दौरान चारों देशों के विदेश मंत्रियों के अलावा एनएसए भी मौजूद रहेंगे। चीन से चारों देशों को साझा चुनौती मिल रही है। इस पर विचार होगा। इसके अलावा अफगानिस्तान और पाकिस्तान-चीन की जुगलबंदी भी एजेंडे पर होगी।
