रामनगर क्षेत्र में स्थित हनुमान धाम श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है जहां प्रतिदिन हजारों भक्त भगवान हनुमान के के अलग-अलग 21 दिव्य स्वरूपों दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।जैसा कि हनुमान चालीसा की प्रसिद्ध चौपाई कहती है… ‘जय कपीस तिहूं लोक उजागर’ यानी हे वानरराज ! आपकी महिमा तीनों लोकों में उजागर है। उसी तरह रामनगर के पास छोई में स्थित हनुमान धाम श्रद्धालुओं का प्रमुख आकर्षण बन चुके हैं।ग्राम छोई में स्थित हनुमान धाम श्रद्धालुओं के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र बन गया है। यहां हर दिन लगभग चार से पांच हजार श्रद्धालु भगवान हनुमान के अलग-अलग 21 दिव्य स्वरूपों दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।वर्ष 2011 में भारत के पांचवें धाम के रूप में छोई में करीब पांच एकड़ भूमि पर हनुमान धाम की नींव रखी गई थी। यह दुनिया का इकलौता ऐसा मंदिर है जहां हनुमान जी के नौ स्वरूप और 12 लीलाओं के कुल 21 स्वरूप स्थापित किए गए हैं। इससे यहां धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिला है। मानस खंड योजना के तहत भी हनुमान धाम का चयन किया गया है।
रामनगर के ग्राम छोई में स्थित हनुमान धाम श्रद्धालुओं के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र बन गया है। यहां हर दिन लगभग चार से पांच हजार श्रद्धालु भगवान हनुमान के अलग-अलग 21 दिव्य स्वरूपों दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
वर्ष 2011 में भारत के पांचवें धाम के रूप में छोई में करीब पांच एकड़ भूमि पर हनुमान धाम की नींव रखी गई थी। यह दुनिया का इकलौता ऐसा मंदिर है जहां हनुमान जी के नौ स्वरूप और 12 लीलाओं के कुल 21 स्वरूप स्थापित किए गए हैं। धाम की इन विशेषताओं के चलते यहां साल दर साल श्रद्धालुओं की तादाद बढ़ती जा रही है।
धार्मिक स्थल में विकसित हो रहा रामनगर
प्रसिद्ध गर्जिया देवी मंदिर के बाद हनुमान धाम ने रामनगर को धार्मिक स्थल के रूप में नई पहचान दी है। इसके चलते दोनों पर्यटन स्थलों के आसपास धार्मिक पर्यटक के लिए होटल और रिजॉर्ट का भी निर्माण कराया गया है। इसके चलते हजारों लोगों को कारोबार मिला है।
सरकार भी दे रही प्रोत्साहन
प्रदेश भर के प्रमुख मंदिरों के सौंदर्यीकरण के लिए सरकार ने मानस खंड योजना की शुरुआत की है। रामनगर के हनुमान धाम और गर्जिया देवी मंदिर को इस योजना के अंतर्गत चयनित किया गया है। इससे दोनों धार्मिक स्थलों का सौंदर्यीकरण और बेहतर तरीके से हो सकेगा।
हनुमान धाम ने आज प्रदेश के साथ ही दुनिया भर में प्रमुख धार्मिक स्थल के रूप में अपनी पहचान बनाई है। दो अप्रैल को होने वाले हनुमान जयंती के कार्यक्रम के लिए हनुमान धाम में विशेष तैयारियां की गई हैं।– आचार्य विजय, संस्थापक, हनुमान धाम सेवा समिति ट्रस्ट

