Skip to content
UK Fast Khabar

UK Fast Khabar

Connect with Us

  • Facebook
  • Twitter
  • Linkedin
  • VK
  • Youtube
  • Instagram

Categories

  • Biography
  • BJP
  • blog
  • Business
  • Dehardun
  • Economy
  • employment
  • Model
  • National
  • News
  • Newsbeat
  • Politics
  • Stories
  • Tech
  • Uncategorized
  • World
  • अपराध
  • आपका शहर
  • इतिहास
  • उत्तर प्रदेश
  • उत्तरकाशी
  • उत्तराखंड
  • ऊधम सिंह नगर
  • ऋषिकेश
  • क्राइम
  • खबर हटकर
  • खेल
  • चमोली
  • चम्पावत
  • चलो चले देवभूमि
  • चारधाम
  • चारधाम यात्रा
  • टिहरी
  • टेक्नॉलॉजी
  • ट्रेंडिंग खबरें
  • ताज़ा ख़बरें
  • दिल्ली
  • दुर्घटना
  • देश-विदेश
  • देहरादून
  • देहरादून/मसूरी
  • धर्म-संस्कृति
  • धामी सरकार
  • नई दिल्ली
  • नैनीताल
  • न्यूज़
  • पर्यटन
  • पिथौरागढ़
  • पुलिस
  • बाजार
  • बिहार
  • भारत
  • मनोरंजन
  • मौसम
  • राजधानी दिल्ली
  • राजनीति
  • रुड़की
  • रुद्रपुर
  • रुद्रप्रयाग
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • विदेश
  • व्यापार
  • शिक्षा
  • शिक्षा/रोजगार
  • सेना
  • सोशल मीडिया वायरल
  • स्वास्थ्य
  • हरिद्वार
  • हल्द्वानी
Primary Menu
  • Home
  • उत्तराखंड
  • देहरादून/मसूरी
  • भारत
  • विदेश
  • राजधानी दिल्ली
  • राजनीति
  • सोशल मीडिया वायरल
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • खेल
  • News
Live

धराली आपदा एक दुर्लभ गंभीर हाइड्रो-मौसमी घटना, नई स्टडी ने बताया फ्लैश फ्लड का असल कारण

Uk Fast Khabar May 27, 2026

धराली आपदा को लेकर नई रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें घटना होने के कारणों को विस्तृत तरीके से बताया गया है. रिपोर्ट- रोहित सोनी.

देहरादून: उत्तराखंड में उत्तरकाशी जिले के धराली में 5 अगस्त 2025 को दोपहर करीब 1:30 बजे के आसपास आए विनाशकारी फ्लैश फ्लड को लेकर नया शोध सामने आया है. वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन जियोलॉजी देहरादून के वैज्ञानिकों की एक रिपोर्ट बताती है कि इस आपदा के पीछे सिर्फ एक छोटी, तेज बारिश नहीं, बल्कि ऊपरी कैचमेंट में कई दिनों तक लगातार चले बारिश का दौरा, बर्फ पिघलना, भूस्खलन से आए मलबे और संकरी घाटी में पानी के रुकने के बाद अचानक टूटी झील जैसी घटनाओं को धराली आपदा के लिए जिम्मेदारी माना जा रहा है.

दरअसल, वाडिया के वैज्ञानिक डॉ. मनीष मेहता ने धराली आपदा आने के असल वजहों पर अध्ययन किया है. जिसकी रिपोर्ट Plausible causes and documented evidence of the debris flow near Dharali 10 मई 2026 को पब्लिश हुई है.

गंभीर हाइड्रो-मौसमी घटना: रिपोर्ट के अनुसार, ये घटना धराली-हर्षिल और सुक्खी के अलग-अलग वाटरशेड क्षेत्रों में करीब एक घंटे के भीतर आई बारिश से एक तरह की गंभीर हाइड्रो-मौसमी घटना बनी. आसान शब्दों में समझे तो Hydro-Meteorological event उन प्राकृतिक आपदाओं को कहा जाता है, जो जल चक्र और मौसम प्रणालियों के परस्पर प्रभाव से पैदा होती है. इसमें विनाशकारी बाढ़, अचानक आई बाढ़, बादल चक्रवात, सूखा और अत्यधिक भारी वर्षा शामिल है. इसी तरह की घटना के बाद धराली में फ्लैश फ्लड खेरागाड बेसिन (खीर गंगा) में आया, जिससे धराली बाजार का बड़ा हिस्सा पूरी तरह तबाह हो गया था. इस आपदा में 6 लोगों की मौत हुई थी और 68 लोग लापता बताए गए थे, जिनका आज तक कुछ पता नहीं चल पाया. यानी सरकार ने उन्हें बाद में मृत घोषित कर दिया था.

तीन जल धाराओं में बिगाड़ी स्थिति: वैज्ञानिकों के अनुसार, इलाके में हुए पक्के निर्माण, बस्तियों की स्थिति और नदी-धारा के पास बढ़ी मानवीय गतिविधियों ने इस नुकसान को और बढ़ाया था. वाडिया की अध्ययन रिपोर्ट के अनुसार, 5 अगस्त 2025 को धाराली में खेरा गाड (खीर गंगा) से आई तेज बाढ़ के बाद एक घंटे के भीतर ताल गाड और भेला गाड में भी अचानक बाढ़ आ गई. तीनों धाराएं अलग-अलग सब-जलग्रहणों (Sub catchments) से निकलती हैं, इसलिए इतने कम समय में इनका एक साथ प्रभावित होना खास तौर पर चिंताजनक माना गया है.

NCRE और ISRO जांच में दिखाई दिया था विनाश: रिपोर्ट में बताया गया कि धराली आपदा में वहां काफी नुकसान हुआ था. होटल, मकान, दुकान और सेब के बागान भी नष्ट हो गए थे. घटना के बाद एनआरएससी (National Remote Sensing Centre) और इसरो (Indian Space Research Organisation) की उपग्रह-आधारित जांच में धराली बस्ती का करीब पूरा विनाश दिखाई दिया. इस आपदा में कल्पेश्वर मंदिर मलबे के नीचे पूरी तरह दब गया और बाढ़ से बने मलबा-फैन का क्षेत्रफल करीब 2 लाख वर्ग मीटर तक फैल गया, जो पहले के आकार से करीब तीन गुना बताया गया है.

3 से 5 अगस्त के बीच हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई थी: रिपोर्ट के मुताबिक 3 से 5 अगस्त 2025 के बीच उत्तरकाशी जिले में बारिश हल्की से मध्यम दर्ज की गई. मौसम विभाग के मैनुअल रेन गेज और ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन डेटा में कहीं भी किसी अत्यधिक बारिश या क्लाउडबर्स्ट के संकेत नहीं मिले. यानी, जिले के निचले हिस्सों में उस स्तर की बारिश दर्ज नहीं हुई, जैसी आमतौर पर इतनी बड़ी बाढ़ के लिए वजह मानी जाती है, लेकिन ऊपरी क्षेत्र की तस्वीर अलग थी.

ऊपरी इलाकों में दर्ज की गई हेवी रेन: वाडिया के टोला कैंप (प्राथमिक रिसर्च और फील्ड बेस कैंप) और ग्लेशियर बेस कैंप जैसे उच्च-ऊंचाई वाले ऑब्जर्वेटरी में 3 से 5 अगस्त के बीच लगातार ज्यादा बारिश दर्ज की गई. रिपोर्ट के अनुसार टोला कैंप पर 108.4 मिमी और ग्लेशियर बेस कैंप पर 88.6 मिमी वर्षा रिकॉर्ड हुई.

इलाके की भू-आकृति आपदा की वजह बनी: वैज्ञानिकों ने इसे इस बात का संकेत माना है कि ऊपरी कैचमेंट में लगातार पानी गिर रहा था, जबकि निचले हिस्सों में वैसी तीव्र बारिश दर्ज नहीं हुई. वैज्ञानिकों ने धराली और उसके आसपास के इलाके की भू-आकृति को इस आपदा के लिए महत्वपूर्ण माना है.

रिपोर्ट में बताया गया कि धाराली बाजार समुद्र तल से करीब 2,537 मीटर की ऊंचाई पर है. वहीं, पुराने धराली गांव का हिस्सा अपेक्षाकृत ऊंचे भू-भाग पर है, जो नदी तल से करीब 150 मीटर ऊपर स्थित है. इसके उलट, नया बसाव पुराने बाढ़-जनित पंखे यानी ऑल्यूवियल फैन (Alluvial Fan) पर फैल गया, जिसका क्षेत्र करीब 60 हजार वर्ग मीटर बताया गया है. ऑल्यूवियल फैन पहले की बड़ी बाढ़ों और मलबा प्रवाहों से बना था. इसका मतलब है कि नया निर्माण उसी इलाके में बढ़ा जहां पहले से बाढ़ और मलबा आने का इतिहास रहा है.

नया बसाव अधिक संवेदनशील: वैज्ञानिकों का निष्कर्ष है कि पुराने बसाव की तुलना में नया बसाव अधिक संवेदनशील था. अध्ययन रिपोर्ट में बताया गया है कि खीर गाड (खीर गंगा), ताल गाड और भेला गाड के ऊपरी हिस्सों में पुरानी और नई हिमोढ़ (Moraine) यानी हिमनद-जनित मलबा (Glacial debris) मौजूद हैं. ये ढलान बहुत खड़ी हैं और वहां ढीला, असंगठित मलबा काफी मात्रा में है. करीब 3,500 से 4,500 मीटर की ऊंचाई के बीच के हिस्सों में ऐसी ढलानें हैं, जहां बारिश के दौरान मलबा आसानी से खिसक सकता है.

बारिश और बर्फ पिघलने की प्रक्रिया ने जल प्रवाह बढ़ाया: एक्सपर्ट का कहना है कि ऊंचाई वाले हिस्सों में साल भर बर्फ और हिमपात जमा रहता है, जो गर्मियों में पिघलता है. बारिश और बर्फ पिघलने की प्रक्रिया ने जल प्रवाह बढ़ाया और ढीले मलबे को नीचे की ओर धकेला. इसी से कणों, पत्थरों और पानी का मिश्रण बनकर तेज मलबा-युक्त बाढ़ नीचे की ओर बढ़ी. ऐसे में धराली आपदा का मुख्य कारण कोई बड़ी ग्लेशियर झील टूटने से नहीं हुआ था.धराली की घाटी में प्रोग्लेशियल या मोरेन-बंधित झील नहीं मिली: सेटेलाइट मैप और अन्य उच्च-रिज़ॉल्यूशन डेटा के आधार पर शोधकर्ताओं ने कहा है कि प्रभावित घाटियों में कोई बड़ी प्रोग्लेशियल या मोरेन-बंधित झील नहीं मिली. वहा केवल छोटे-छोटे सुप्रा ग्लेशियर तालाब और सीमित पिघले पानी का जमाव दिखा, जिनमें इतनी क्षमता नहीं थी कि वे इतनी बड़ी बाढ़ पैदा कर सकें. कुल मिलाकर स्थानीय क्लाउडबर्स्ट और ग्लेशियर लेक आउटबर्स्ट फ्लड इस बाढ़ की मुख्य वजह नहीं थी. इस बाढ़ की वजह ऊपरी कैचमेंट में लगातार बारिश, ढालों का कमजोर होना, मलबे का सक्रिय होना और संकरी घाटियों में पानी का रुकना पाया गया है.

Continue Reading

Previous: तेल की बढ़ती कीमतों ने बढ़ाई आम आदमी की टेंशन, ‘आउट ऑफ कंट्रोल’ महंगाई ने बिगाड़ा बजट
Next: IPL 2026: RCB लगातार दूसरी बार पहुंची फाइनल में, क्वालीफायर-1 में गुजरात टाइटंस को 92 रनों से दी मात

Related Stories

2026 Triumph Bonneville T120, Bobber और Speedmaster भारत में हुई लॉन्च, कीमत में भी इजाफा

2026 Triumph Bonneville T120, Bobber और Speedmaster भारत में हुई लॉन्च, कीमत में भी इजाफा

May 27, 2026
चमोली में बड़ा हादसा, जंगल की आग की चपेट में आने से महिला की मौत

चमोली में बड़ा हादसा, जंगल की आग की चपेट में आने से महिला की मौत

May 27, 2026
14 साल की बच्ची की चोरी छिपे कराई शादी, प्रेग्नेंट होने पर हुआ खुलासा, पति समेत ससुराल और मायके पक्ष पर मुकदमा

14 साल की बच्ची की चोरी छिपे कराई शादी, प्रेग्नेंट होने पर हुआ खुलासा, पति समेत ससुराल और मायके पक्ष पर मुकदमा

May 27, 2026
https://youtu.be/mr6MrumB0_k

Connect with Us

  • Facebook
  • Twitter
  • Linkedin
  • VK
  • Youtube
  • Instagram

You may have missed

2026 Triumph Bonneville T120, Bobber और Speedmaster भारत में हुई लॉन्च, कीमत में भी इजाफा

2026 Triumph Bonneville T120, Bobber और Speedmaster भारत में हुई लॉन्च, कीमत में भी इजाफा

May 27, 2026
चमोली में बड़ा हादसा, जंगल की आग की चपेट में आने से महिला की मौत

चमोली में बड़ा हादसा, जंगल की आग की चपेट में आने से महिला की मौत

May 27, 2026
14 साल की बच्ची की चोरी छिपे कराई शादी, प्रेग्नेंट होने पर हुआ खुलासा, पति समेत ससुराल और मायके पक्ष पर मुकदमा

14 साल की बच्ची की चोरी छिपे कराई शादी, प्रेग्नेंट होने पर हुआ खुलासा, पति समेत ससुराल और मायके पक्ष पर मुकदमा

May 27, 2026
आसाराम की आजीवन कारावास की सजा रहेगी बरकरार, सेवादार हुए बरी

आसाराम की आजीवन कारावास की सजा रहेगी बरकरार, सेवादार हुए बरी

May 27, 2026

About Us

Founder – INDRA
Website – www.ukfastkhabar.com
Email – ukfastkhabar@gmail.com
Phone – +91-9917070725
Address –Naithani House, Lane No. 4 Devpuram Enclave, Badripur, Dehradun, 208005, Uk

Categories

BJP blog Dehardun Economy National News Politics Tech World अपराध आपका शहर उत्तराखंड ऋषिकेश क्राइम खबर हटकर खेल चलो चले देवभूमि चारधाम चारधाम यात्रा टेक्नॉलॉजी ट्रेंडिंग खबरें ताज़ा ख़बरें दिल्ली दुर्घटना देश-विदेश देहरादून देहरादून/मसूरी धर्म-संस्कृति धामी सरकार नैनीताल न्यूज़ पर्यटन पुलिस बाजार भारत मनोरंजन मौसम राजधानी दिल्ली राजनीति विदेश व्यापार शिक्षा सोशल मीडिया वायरल स्वास्थ्य हरिद्वार

Recent Posts

  • 2026 Triumph Bonneville T120, Bobber और Speedmaster भारत में हुई लॉन्च, कीमत में भी इजाफा
  • चमोली में बड़ा हादसा, जंगल की आग की चपेट में आने से महिला की मौत
  • 14 साल की बच्ची की चोरी छिपे कराई शादी, प्रेग्नेंट होने पर हुआ खुलासा, पति समेत ससुराल और मायके पक्ष पर मुकदमा
  • आसाराम की आजीवन कारावास की सजा रहेगी बरकरार, सेवादार हुए बरी
  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Facebook
  • Twitter
  • Linkedin
  • VK
  • Youtube
  • Instagram
Copyright ©Uk Fast Khabar 2023, Design & Develop by Manish Naithani (9084358715). All rights reserved. | MoreNews by AF themes.