Skip to content
UK Fast Khabar

UK Fast Khabar

Connect with Us

  • Facebook
  • Twitter
  • Linkedin
  • VK
  • Youtube
  • Instagram

Categories

  • Biography
  • BJP
  • blog
  • Business
  • Dehardun
  • Economy
  • employment
  • Model
  • National
  • New tehri
  • News
  • Newsbeat
  • Politics
  • Stories
  • Tech
  • Uncategorized
  • World
  • अपराध
  • अल्मोड़ा
  • आपका शहर
  • इतिहास
  • उत्तर प्रदेश
  • उत्तरकाशी
  • उत्तराखंड
  • ऊधम सिंह नगर
  • ऋषिकेश
  • क्राइम
  • खबर हटकर
  • खेल
  • चमोली
  • चम्पावत
  • चलो चले देवभूमि
  • चारधाम
  • चारधाम यात्रा
  • टिहरी
  • टेक्नॉलॉजी
  • ट्रेंडिंग खबरें
  • ताज़ा ख़बरें
  • दिल्ली
  • दुर्घटना
  • देश-विदेश
  • देहरादून
  • देहरादून/मसूरी
  • धर्म-संस्कृति
  • धामी सरकार
  • नई दिल्ली
  • नैनीताल
  • न्यूज़
  • पर्यटन
  • पिथौरागढ़
  • पुलिस
  • बाजार
  • बिहार
  • भारत
  • मनोरंजन
  • मौसम
  • राजधानी दिल्ली
  • राजनीति
  • रुड़की
  • रुद्रपुर
  • रुद्रप्रयाग
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • विदेश
  • व्यापार
  • शिक्षा
  • शिक्षा/रोजगार
  • सेना
  • सोशल मीडिया वायरल
  • स्वास्थ्य
  • हरिद्वार
  • हल्द्वानी
Primary Menu
  • Home
  • उत्तराखंड
  • देहरादून/मसूरी
  • भारत
  • विदेश
  • राजधानी दिल्ली
  • राजनीति
  • सोशल मीडिया वायरल
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • खेल
  • News
Live

जोशीमठ: …तो क्‍या पानी में घुल रहे हैं ‘पहाड़’, विशेषज्ञों की ताजा रिपोर्ट में चौंकाने वाले तथ्‍य

Uk Fast Khabar January 10, 2023

जोशीमठ में भूधंसाव की खतरनाक होती जा रही स्थिति बताती है कि यहां की जमीन मौजूदा भार को वहन करने की स्थिति में नहीं है। इसके वैज्ञानिक कारण भी एक बार फिर पुष्ट किए गए हैं।
राज्य सरकार को सौंपी गई विशेषज्ञों की हालिया रिपोर्ट में कहा गया है कि जोशीमठ की जमीन भूस्खलन के मलबे से बनी है।

हिमालय की उत्पत्ति के समय अस्तिस्त्व में ऐतिहासिक फाल्ट:
रिपोर्ट में चौंकाने वाली बात यह भी कही गई है कि न सिर्फ यहां की जमीन कमजोर है, बल्कि इसके नीचे से हिमालय की उत्पत्ति के समय अस्तिस्त्व में आया ऐतिहासिक फाल्ट मेन सेंट्रल थ्रस्ट (एमसीटी) भी गुजर रहा है। जिसके चलते यहां भूगर्भीय हलचल होती रहती है और पहले से कमजोर सतह को इससे अधिक नुकसान होता है।

विज्ञानियों ने संयुक्त रूप से तैयार की यह रिपोर्ट:
”जियोलाजिकल एंड जियोटेक्निकल सर्वे आफ लैंड सब्सिडेंस एरियाज आफ जोशीमठ टाउन एंड सराउंडिंग रीजंस” नामक रिपोर्ट में जोशीमठ की जमीन की पूरी क्षमता का विश्लेषण किया गया है।
यह रिपोर्ट उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण समेत सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च आफ इंडिया, आइआइटी रुड़की, जीएसआइ व वाडिया हिमालय भूविज्ञान संस्थान के विज्ञानियों ने संयुक्त रूप से तैयार की है।
हाल में सरकार को सौंपी गई इस रिपोर्ट में जोशीमठ की जमीन के पत्थरों की प्रकृति भी बताई गई है।
इसमें कहा गया है कि ऐतिहासिक फाल्ट लाइन के दोनों तरफ के क्षेत्र हेलंग फार्मेशन और गढ़वाल ग्रुप्स में पत्थरों की प्रकृति समान है। ये पत्थर क्वार्टजाइट और मार्बल हैं, जिनकी मजबूती बेहद कम होती है। इन पत्थरों में पानी के साथ घुलने की प्रवृत्ति भी देखने को मिलती है।
जोशीमठ की जमीन का भीतरी आकलन किया जाए तो ऐतिहासिक फाल्ट लाइन एमसीटी के ऊपर मार्बल पत्थरों के साथ लूज (ढीला) मलबे की मोटी परत है और फिर इसके ऊपर जोशीमठ शहर बसा है।
रिपोर्ट में मलबे की इस परत को भूस्खलन जनित बताया गया है। जिससे स्पष्ट होता है कि समय के साथ जो निर्माण कमजोर जमीन पर किए गए, वह अब ओवरबर्डन (क्षमता से अधिक बोझ) की स्थिति में आ गई है। यही कारण है कि यहां की जमीन धंस रही है और भवनों पर दरारें गहरी होती जा रही हैं।

1976 में मिश्रा कमेटी की रिपोर्ट का भी हवाला:
विशेषज्ञों की हालिया रिपोर्ट में वर्ष 1976 की मिश्रा कमेटी का जिक्र भी किया गया है। उस रिपोर्ट के हवाले से यह कहा गया है कि पूर्व में भी जोशीमठ के समय के साथ धरे-धीरे धंसने की आशंका व्यक्त की गई थी।

साफ है कि जिस हालिया रिपोर्ट के बाद सरकार चौकन्नी दिख रही है, उसी तरह की बातों का जिक्र पूर्व में कई दशक पहले किया जा चुका था।

नालों का प्रवाह अवरुद्ध होने से बढ़ी समस्या:
विशेषज्ञों की रिपोर्ट के मुताबिक जोशीमठ क्षेत्र में तमाम नालों का प्राकृतिक प्रवाह अवरुद्ध हो गया है। नाला क्षेत्र में बेतरतीब निर्माण किए गए हैं। इस कारण पानी सामान्य प्रवाह से निचले क्षेत्रों में जाने की जगह तेजी से कमजोर जमीन में समा रहा है। इसके चलते भी भूधंसाव तेज हो रहा है।

विशेषज्ञों की हालिया रिपोर्ट पर तब द्रुत गति से कार्रवाई की जा रही है, जब हालात विकट हो चुके हैं। यदि 47 साल पहले ही मिश्रा कमेटी की रिपोर्ट पर गंभीरता से अमल किया जाता तो जोशीमठ पर कंक्रीट के भार को कम किया जा सकता था। साथ ही जल निकासी व भूकटाव को लेकर ठोस कदम उठाए जा सकते थे।

पद्मभूषण चंडी प्रसाद भट्ट (प्रसिद्ध पर्यावरणविद):
जोशीमठ की सतह कमजोर है। इसकी पुष्टि विभिन्न वैज्ञानिक अध्ययन में की जा चुकी है। ऐसे में स्पष्ट है कि इस सतह पर समय के साथ किए गए बेतरतीब निर्माण से हालात विकट हुए हैं। जोशीमठ क्षेत्र में जमीन की वहनीय क्षमता के मुताबिक ही निर्माण कराए जाने चाहिए। साथ ही ड्रेनेज सिस्टम को बेहतर बनकर और नदी से होने वाले कटाव का उपचार कर हालात पर काबू पाया जा सकता है।

डा कालाचांद साईं, निदेशक, वाडिया हिमालय भूविज्ञान संस्थान:
जोशीमठ तीव्र ढाल वाले क्षेत्र में बसा है। यहां की जमीन कमजोर है और इस पर भूकंप के साथ ही भूस्खलन, बाढ़ और अतिवृष्टि का भी निरंतर खतरा मंडराता रहता है। लिहाजा, इस क्षेत्र में भारी निर्माण प्रतिबंधित किए जाने चाहिए। क्योंकि, पर्यटन की गतिविधियां बढ़ने के साथ इस छोटे से शहर में कमर्शियल व आवासीय निर्माण की बाढ़ आ गई थी।
– डा राजेंद्र डोभाल, पूर्व महानिदेशक (उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद) व वाइस चेयरमैन, इंटीग्रेटेड माउंटेन इनिशिएटिव इंडिया

 

Continue Reading

Previous: सीएम की विशेषज्ञों के साथ बैठक आज, मंगलवार को जोशीमठ आ सकते हैं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह
Next: जोशीमठ शहर को बचाने के लिए यह है उत्तराखंड सरकार का प्‍लान, प्रस्ताव को अंतिम रूप देने में जुटा शासन

Related Stories

देहरादून में जल संरक्षण अभियान को मिली नई गति

देहरादून में जल संरक्षण अभियान को मिली नई गति

June 27, 2026
देहरादून में बढ़ती पार्किंग समस्या, नए समाधान की तैयारी

देहरादून में बढ़ती पार्किंग समस्या, नए समाधान की तैयारी

June 26, 2026
उत्तराखंड में वनाग्नि की घटनाओं में कमी, विभाग ने राहत की सांस ली

उत्तराखंड में वनाग्नि की घटनाओं में कमी, विभाग ने राहत की सांस ली

June 26, 2026
https://youtu.be/mr6MrumB0_k

Connect with Us

  • Facebook
  • Twitter
  • Linkedin
  • VK
  • Youtube
  • Instagram

You may have missed

देहरादून में जल संरक्षण अभियान को मिली नई गति

देहरादून में जल संरक्षण अभियान को मिली नई गति

June 27, 2026
देहरादून में बढ़ती पार्किंग समस्या, नए समाधान की तैयारी

देहरादून में बढ़ती पार्किंग समस्या, नए समाधान की तैयारी

June 26, 2026
उत्तराखंड में वनाग्नि की घटनाओं में कमी, विभाग ने राहत की सांस ली

उत्तराखंड में वनाग्नि की घटनाओं में कमी, विभाग ने राहत की सांस ली

June 26, 2026
चारधाम यात्रा मार्गों पर प्रशासन अलर्ट मोड में

चारधाम यात्रा मार्गों पर प्रशासन अलर्ट मोड में

June 25, 2026

About Us

Founder – INDRA
Website – www.ukfastkhabar.com
Email – ukfastkhabar@gmail.com
Phone – +91-9917070725
Address –Naithani House, Lane No. 4 Devpuram Enclave, Badripur, Dehradun, 208005, Uk

Categories

BJP blog Dehardun Economy News Politics Tech World अपराध आपका शहर उत्तराखंड ऋषिकेश क्राइम खबर हटकर खेल चलो चले देवभूमि चारधाम चारधाम यात्रा टेक्नॉलॉजी ट्रेंडिंग खबरें ताज़ा ख़बरें दिल्ली दुर्घटना देश-विदेश देहरादून देहरादून/मसूरी धर्म-संस्कृति धामी सरकार नैनीताल न्यूज़ पर्यटन पुलिस बाजार भारत मनोरंजन मौसम राजधानी दिल्ली राजनीति रुद्रपुर विदेश व्यापार शिक्षा सोशल मीडिया वायरल स्वास्थ्य हरिद्वार

Recent Posts

  • देहरादून में जल संरक्षण अभियान को मिली नई गति
  • देहरादून में बढ़ती पार्किंग समस्या, नए समाधान की तैयारी
  • उत्तराखंड में वनाग्नि की घटनाओं में कमी, विभाग ने राहत की सांस ली
  • चारधाम यात्रा मार्गों पर प्रशासन अलर्ट मोड में
  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Facebook
  • Twitter
  • Linkedin
  • VK
  • Youtube
  • Instagram
Copyright ©Uk Fast Khabar 2023, Design & Develop by Manish Naithani (9084358715). All rights reserved. | MoreNews by AF themes.