Skip to content
UK Fast Khabar

UK Fast Khabar

Connect with Us

  • Facebook
  • Twitter
  • Linkedin
  • VK
  • Youtube
  • Instagram

Categories

  • Biography
  • BJP
  • blog
  • Business
  • Dehardun
  • Economy
  • employment
  • Model
  • National
  • News
  • Newsbeat
  • Politics
  • Stories
  • Tech
  • Uncategorized
  • World
  • अपराध
  • आपका शहर
  • इतिहास
  • उत्तर प्रदेश
  • उत्तरकाशी
  • उत्तराखंड
  • ऊधम सिंह नगर
  • ऋषिकेश
  • क्राइम
  • खबर हटकर
  • खेल
  • चमोली
  • चम्पावत
  • चलो चले देवभूमि
  • चारधाम
  • चारधाम यात्रा
  • टिहरी
  • टेक्नॉलॉजी
  • ट्रेंडिंग खबरें
  • ताज़ा ख़बरें
  • दिल्ली
  • दुर्घटना
  • देश-विदेश
  • देहरादून
  • देहरादून/मसूरी
  • धर्म-संस्कृति
  • धामी सरकार
  • नैनीताल
  • न्यूज़
  • पर्यटन
  • पिथौरागढ़
  • पुलिस
  • बाजार
  • बिहार
  • भारत
  • मनोरंजन
  • मौसम
  • राजधानी दिल्ली
  • राजनीति
  • रुड़की
  • रुद्रपुर
  • रुद्रप्रयाग
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • विदेश
  • व्यापार
  • शिक्षा
  • शिक्षा/रोजगार
  • सेना
  • सोशल मीडिया वायरल
  • स्वास्थ्य
  • हरिद्वार
  • हल्द्वानी
Primary Menu
  • Home
  • उत्तराखंड
  • देहरादून/मसूरी
  • भारत
  • विदेश
  • राजधानी दिल्ली
  • राजनीति
  • सोशल मीडिया वायरल
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • खेल
  • News
Live

ऑपरेशन सिंदूर का एक साल : सुरक्षा बलों ने पाकिस्तान को सिखाया सबक, भारत ने राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति में किया बड़ा बदलाव

Uk Fast Khabar May 7, 2026

पहलगाम में निर्दोष भारतीयों पर हमला करने की हिमाकत करने वालों को भारतीय सेना ने दिया था मुंहतोड़ जवाब.

नई दिल्ली : ऑपेरशन सिंदूर के एक साल पूरे होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सशस्त्र बलों के अदम्य साहस और उनके संकल्प को नमन किया. प्रधानमंत्री मोदी और कैबिनेट मंत्रियों ने ऑपरेशन सिंदूर के सम्मान में अपनी प्रोफाइल पिक्चर बदल ली है. गुरुवार सुबह शुरू हुए इस समन्वित अभियान में गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री एस जयशंकर जैसे कई प्रमुख व्यक्ति शामिल हैं. लोगो में भारतीय तिरंगे के साथ केसरिया रंग की ज्वाला को एकीकृत किया गया है, जो भारतीय सशस्त्र बलों के “संकल्प और बलिदान” का प्रतीक है.

प्रधानमंत्री ने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर आतंकवाद के खिलाफ भारत की दृढ़ प्रतिक्रिया और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है. ऑपरेशन सिंदूर ने सशस्त्र बलों के पेशेवर रवैये, तैयारी और समन्वित शक्ति को उजागर किया. इस दौरान भारतीय सशस्त्र बलों ने बेजोड़ साहस, सटीकता और दृढ़ संकल्प का प्रदर्शन किया.”

विशेषज्ञों का कहना है कि ऑपरेशन सिंदूर ने आतंकवाद रोधी अभियानों में भारत की रणनीति में न केवल नयी सीमाएं तय की हैं, बल्कि इससे कुछ महत्वपूर्ण सैन्य सबक भी मिले हैं जिनमें हवाई शक्ति का संयुक्त और समन्वित उपयोग, ड्रोन तकनीक को मजबूत करना और एक सशक्त संचार प्रणाली का निर्माण शामिल है.

ठीक एक साल पहले छह-सात मई की दरमियानी रात को शुरू की गई निर्णायक सैन्य कार्रवाई को याद करते हुए, रक्षा और रणनीतिक मामलों के कई विशेषज्ञों ने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि सैन्य अभियान ने इस बात पर भी जोर दिया कि भविष्य के संघर्ष न केवल हवाई क्षेत्र में, बल्कि साइबरस्पेस और सूचना एवं संज्ञानात्मक क्षेत्रों में भी होंगे.

लगभग चार दिन चला ऑपरेशन

लगभग चार दिन तक चले संघर्ष के दौरान भारतीय सेना न केवल पश्चिमी सीमा के उस पार से, लेह से लेकर सर क्रीक तक, कई चरणों में आने वाले ड्रोन हमलों का सामना कर रही थी, बल्कि एक गहन दुष्प्रचार अभियान का भी मुकाबला कर रही थी जिसका उद्देश्य सेना और जनता के मनोबल को नुकसान पहुंचाना था.

इस अभियान में शामिल रहे एयर कमोडोर गौरव एम त्रिपाठी (सेवानिवृत्त) ने किसी भी संघर्ष के परिणाम को तय करने में हवाई शक्ति की महत्ता को स्वीकार करते हुए इस बात पर जोर दिया कि भविष्य में ऐसी किसी भी स्थिति में, तीनों सेवाओं की ‘‘संयुक्त हवाई शक्ति’’ का उपयोग किया जाना चाहिए, ताकि वह एक ‘‘सक्षम प्रतिद्वंद्वी’’ के खिलाफ समन्वित रूप से कार्य कर सके.

**EDS: FILE PHOTO; TO GO WITH STORY** New Delhi: Foreign Secretary Vikram Misri with Army’s Col Sofiya Qureshi and IAF Wing Commander Vyomika Singh during a press conference regarding ‘Operation Sindoor’, in New Delhi, Wednesday, May 7, 2025. Indian armed forces carried out missile strikes on terror targets in Pakistan and PoK under ‘Operation Sindoor’, in retaliation for the Pahalgam terror attack. (PTI Photo/Kamal Kishore)(PTI05_06_2026_000022B)

ड्रोन का किया गया उपयोग

कमोडोर गौरव एम त्रिपाठी ने कहा, ‘‘ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हमने देखा कि पाकिस्तान ने बड़ी संख्या में ड्रोन का उपयोग किया. इनमें से अधिकांश हानि नहीं पहुंचाने वाले थे और जिनका उद्देश्य केवल भारतीय हथियारों और गोला-बारूद बर्बाद कराना था, ताकि बाद में हमला करने वाले ड्रोन का इस्तेमाल किया जा सके.’’

एयर कमोडोर त्रिपाठी ने पीटीआई न्यूज एजेंसी से कहा, ‘‘लेकिन दुश्मन चालाक है. अगली बार वे और भी उन्नत ड्रोन भेजेंगे, जिन्हें जाम करना शायद और भी मुश्किल होगा… उनकी नेविगेशन क्षमता बेहतर होगी, शायद उन्हें जीपीएस की जरूरत न पड़े, और उनमें इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल होमिंग डिवाइस भी हो सकते हैं और वे शायद झुंड बनाकर एक साथ काम करेंगे.’’

भारतीय वायु सेना के पूर्व अधिकारी त्रिपाठी कई प्रकार के लड़ाकू विमान उड़ा चुके हैं और ‘हॉक एमके 132 स्क्वाड्रन’ की कमान संभाल चुके हैं, साथ ही एक लड़ाकू विमान अड्डे के मुख्य संचालन अधिकारी के रूप में भी कार्य कर चुके हैं. उन्होंने पिछले वर्ष अगस्त में समय पूर्व सेवानिवृत्ति ले ली थी.

उन्होंने अभियान से सीखे गए सैन्य सबक के बारे में कहा, ‘‘भारतीय वायु सेना में ड्रोन रोधी क्षमताओं में पहले से ही कुछ निवेश किया गया है, लेकिन ड्रोन रोधी क्षमताओं को वास्तव में विस्तारित करना होगा और सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं को कवर करना होगा.”

वायु सेना के पूर्व अधिकारी ने ‘एस-400’ तथा हथियार प्रणाली आकाश तथा अन्य मिसाइल प्रणालियों की सराहना करते हुए कहा कि इन्होंने आसमान की सुरक्षा सुनिश्चित करने और दुश्मन को प्रभावी नुकसान पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई.

Jammu: A school student displays a painting depicting ‘Operation Sindoor’ ahead of its anniversary, in Jammu, Tuesday, May 5, 2026. (PTI Photo)(PTI05_05_2026_000084B)

उन्होंने कहा, ‘‘हमने एस-400 सिस्टम का इस्तेमाल बेहद आक्रामक तरीके से किया. हमने इन्हें बार-बार एक जगह से दूसरी जगह तैनात किया. हमने इन्हें छिपाया भी और इनके नकली रूपों का इस्तेमाल दुश्मन को धोखा देने के लिए किया. सैन्य भाषा में इस तकनीक को छद्मावरण, छिपाव और छल या सीसीडी कहा जाता है.’’

सेना परमाणु खतरे का सामना के लिए भी तैयार

सेना के पूर्व अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल दुष्यंत सिंह (सेवानिवृत्त) ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने यह प्रदर्शित किया है कि भारत के आतंकवाद रोधी रुख के मामले में रणनीति में न केवल नयी सीमाएं तय की गई हैं बल्कि वह “दुश्मन के परमाणु खतरे का सामना करने” के लिए भी तैयार है.

उन्होंने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर से मिले प्रमुख सैन्य सबकों में से एक यह है कि हम रणनीतिक संयम से रणनीतिक सक्रियता की ओर बढ़े हैं. अगली बार अगर ऐसी कोई घटना होती है तो हमें बहुत ही कम समय में जवाब देने के लिए तैयार रहना होगा.”

भारत ने गत वर्ष 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले का बदला लेने के लिए ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था, जिसमें भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में कई आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए थे.

भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति में बड़ा बदलाव आया

पिछले साल पहलगाम आतंकी हमले के कुछ हफ्तों बाद शुरू किए गए ‘‘ऑपरेशन सिंदूर’’ ने ड्रोन के व्यापक उपयोग, नेटवर्किंग और लक्ष्य विश्लेषण एवं पहचान में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के एकीकरण के जरिये भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति में एक बड़ा बदलाव लाया. इस अभियान को सीमा-पार आतंकवाद को लगातार समर्थन देने के लिए पाकिस्तान को दंडित करने के संबंध में पिछले आधी सदी में भारतीय सेना के सबसे व्यापक बहु-क्षेत्रीय युद्ध मिशन के रूप में वर्णित किया गया. इसने भारत के समग्र सुरक्षा और रणनीतिक लक्ष्यों को पुनर्परिभाषित किया.

Bikaner: A school student paints a poster depicting ‘Operation Sindoor’ ahead of its anniversary, in Bikaner, Wednesday, May 6, 2026. (PTI Photo)(PTI05_06_2026_000118B)

भारत की इस कार्रवाई को व्यापक रूप से आतंकवाद के समर्थन के लिए पाकिस्तान को करारा जवाब देने की उसकी “राजनीतिक इच्छाशक्ति” के प्रदर्शन के रूप में देखा गया. इसके साथ ही, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्पष्ट किया कि भारत इस्लामाबाद की किसी भी परमाणु धमकी को बर्दाश्त नहीं करेगा.

अभियान के बाद पिछले एक वर्ष के दौरान, भारत की तीनों सेनाओं ने नये प्लेटफॉर्म, मिसाइलों और विभिन्न प्रकार के लंबी एवं छोटी दूरी के ड्रोन की खरीद के साथ-साथ समग्र वायु रक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए व्यापक योजनाएं, रणनीतियां और नीतिगत पहल तैयार की हैं, ताकि उनकी युद्धक तैयारी को और सुदृढ़ किया जा सके.

पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के जवाब में भारत ने पिछले साल सात मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया. इसके तहत भारत ने पाकिस्तान और इसके कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में स्थित नौ आतंकी ठिकानों पर हवाई हमले किए, जिसमें कम से कम 100 आतंकियों के मारे जाने की बात कही गई.

आतंकी शिविरों पर किए गए हमलों में बहावलपुर स्थित जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) का मुख्यालय, मुरीदके स्थित लश्कर-ए-तैयबा का अड्डा और सियालकोट के महमूना जोया, मुजफ्फराबाद के सवाई नाला और सैयद ना बिलाल, कोटली के गुलपुर और अब्बास, भीमबर के बरनाला और सरजल में स्थित आतंकी ढांचे शामिल थे.

इस कार्रवाई से पाकिस्तान के साथ तनाव में तेजी से वृद्धि हुई और पाकिस्तान ने जवाबी हमले किए, हालांकि उनमें से अधिकांश को भारतीय सेना ने विफल कर दिया. दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच हॉटलाइन पर बातचीत के बाद 10 मई को सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति बनने के साथ ही सैन्य संघर्ष समाप्त हो गया, लेकिन इस घटना ने भारत की सैन्य शक्ति को बढ़ाने की आवश्यकता को उजागर कर दिया.

भारत ने पाकिस्तान को करारा जवाब दिया, लेकिन सेना के तीनों अंगों ने इन संघर्षों का विश्लेषण कर अपनी अभियानगत रणनीतियों को और बेहतर बनाने तथा उन्नत तकनीकों एवं प्लेटफॉर्म के एकीकरण पर काम किया.

मानव रहित प्लेटफॉर्म की खरीद और उच्चस्तरीय तकनीकों के समावेशन पर फोकस

तीनों सेनाएं विशेष रूप से मानव रहित प्लेटफॉर्म की खरीद और उच्चस्तरीय तकनीकों के समावेशन पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं, जिनमें लक्ष्य पहचान और निगरानी के लिए एआई का उपयोग भी शामिल है. भारत ने पिछले एक साल में अपनी सैन्य शक्ति में उल्लेखनीय वृद्धि की है और इसका श्रेय सैन्य क्षमता बढ़ाने के लिए सरकार के समग्र दृष्टिकोण को जाता है.

सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से सीखे गए सबक निश्चित रूप से लागू किए जा रहे हैं. संघर्ष के बाद के महीनों में सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति और प्राथमिकताओं के अनुरूप कई बड़ी खरीद परियोजनाओं को मंजूरी दी.

सेना की समग्र मारक क्षमता को और बढ़ाने के लिए स्वीकृत खरीद प्रस्तावों में रूस से पांच एस-400 मिसाइल प्रणालियों की एक नयी खेप हासिल करने और 60 मध्यम परिवहन विमानों की खरीद को हरी झंडी देना शामिल था.

मार्च महीने में ही सरकार ने 2.38 लाख करोड़ रुपये के सैन्य उपकरण खरीदने की मंजूरी दी. सरकार ने फरवरी में एक अन्य प्रस्ताव को मंजूरी दी, जिसके तहत फ्रांस से 114 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद की जाएगी। यह योजना लगभग दो दशक पहले भारतीय वायुसेना की युद्धक क्षमता बढ़ाने के लिए शुरू की गई थी.

रक्षा मंत्रालय ने भारतीय नौसेना की निगरानी और पनडुब्बी रोधी युद्ध क्षमताओं को बढ़ाने के लिए अमेरिका निर्मित छह बोइंग पी8-आई निगरानी विमान खरीदने को भी मंजूरी दी. राफेल लड़ाकू विमान कई शक्तिशाली हथियारों को ले जाने में सक्षम हैं. यूरोपीय मिसाइल निर्माता एमबीडीए की मेटिओर बियॉन्ड विजुअल रेंज (बीवीआर) एयर-टू-एयर मिसाइल और स्कैल्प क्रूज मिसाइल राफेल विमानों के हथियार पैकेज का प्रमुख हिस्सा होंगी.

स्टील्थ पनडुब्बियों की आपूर्ति जल्द होगी पूरी

सरकार भारतीय नौसेना को छह स्टील्थ पनडुब्बियों की आपूर्ति के लिए पांच अरब यूरो के सौदे को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में भी है. इन पनडुब्बियों का निर्माण जर्मन रक्षा कंपनी थिसेनक्रुप मरीन सिस्टम्स (टीकेएमएस) और मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (एमडीएल) द्वारा किया जाएगा. अप्रैल में, भारत ने अपनी तीसरी स्वदेशी निर्मित परमाणु-संचालित बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी, आईएनएस अरिदमन को नौसेना में शामिल किया.

भारत का परमाणु-संचालित बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी (एसएसबीएन) कार्यक्रम एक बेहद गोपनीय परियोजना है। आईएनएस अरिहंत एसएसबीएन परियोजना के तहत पहली पनडुब्बी थी, जिसके बाद आईएनएस अरिघाट नामक एक और पनडुब्बी का निर्माण हुआ.

पिछले एक वर्ष के दौरान, भारत ने अग्नि मिसाइलों के कई संस्करणों सहित रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हथियारों की एक शृंखला का सफलतापूर्वक परीक्षण भी किया है. अगस्त में, भारत ने 5,000 किलोमीटर तक की मारक क्षमता वाली ‘अग्नि-5’ मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया. अग्नि-5 मिसाइल चीन के सबसे उत्तरी भाग सहित लगभग पूरे एशिया और यूरोप के कुछ क्षेत्रों को अपनी मारक क्षमता के दायरे में ला सकती है.

Continue Reading

Previous: देहरादून में आज से शुरू हो रहा AIDEF का राष्ट्रीय अधिवेशन, आयुध फैक्ट्रियों के कॉरपोरेटाइजेशन का विरोध
Next: नर्सिंग अभ्यर्थी के साथ पानी की टंकी पर चढ़ी महिला कांग्रेसी प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला, लगाया अनदेखी का आरोप

Related Stories

Google अकाउंट्स पर अब मिलेगा सिर्फ 5GB स्टोरेज, 15GB पाने के लिए करना होगा ये काम

Google अकाउंट्स पर अब मिलेगा सिर्फ 5GB स्टोरेज, 15GB पाने के लिए करना होगा ये काम

May 16, 2026
सोशल मीडिया पर अश्लील वीडियो शेयर करना युवक को पड़ गया भारी, मुकदमा दर्ज

सोशल मीडिया पर अश्लील वीडियो शेयर करना युवक को पड़ गया भारी, मुकदमा दर्ज

May 16, 2026
देहरादून में चेकिंग के दौरान स्कार्पियो में मिले एक करोड़ से अधिक रुपए, छिपाने के लिए बनाया था सीक्रेट केबिन

देहरादून में चेकिंग के दौरान स्कार्पियो में मिले एक करोड़ से अधिक रुपए, छिपाने के लिए बनाया था सीक्रेट केबिन

May 16, 2026
https://youtu.be/mr6MrumB0_k

Connect with Us

  • Facebook
  • Twitter
  • Linkedin
  • VK
  • Youtube
  • Instagram

You may have missed

Google अकाउंट्स पर अब मिलेगा सिर्फ 5GB स्टोरेज, 15GB पाने के लिए करना होगा ये काम

Google अकाउंट्स पर अब मिलेगा सिर्फ 5GB स्टोरेज, 15GB पाने के लिए करना होगा ये काम

May 16, 2026
सोशल मीडिया पर अश्लील वीडियो शेयर करना युवक को पड़ गया भारी, मुकदमा दर्ज

सोशल मीडिया पर अश्लील वीडियो शेयर करना युवक को पड़ गया भारी, मुकदमा दर्ज

May 16, 2026
देहरादून में चेकिंग के दौरान स्कार्पियो में मिले एक करोड़ से अधिक रुपए, छिपाने के लिए बनाया था सीक्रेट केबिन

देहरादून में चेकिंग के दौरान स्कार्पियो में मिले एक करोड़ से अधिक रुपए, छिपाने के लिए बनाया था सीक्रेट केबिन

May 16, 2026
उत्तराखंड में फिर डोली धरती, उत्तरकाशी जिले में महसूस हुए भूकंप के झटके

उत्तराखंड में फिर डोली धरती, उत्तरकाशी जिले में महसूस हुए भूकंप के झटके

May 16, 2026

About Us

Founder – INDRA
Website – www.ukfastkhabar.com
Email – ukfastkhabar@gmail.com
Phone – +91-9917070725
Address –Naithani House, Lane No. 4 Devpuram Enclave, Badripur, Dehradun, 208005, Uk

Categories

BJP blog Dehardun Economy National News Politics Tech World अपराध आपका शहर उत्तराखंड ऋषिकेश क्राइम खबर हटकर खेल चलो चले देवभूमि चारधाम चारधाम यात्रा टेक्नॉलॉजी ट्रेंडिंग खबरें ताज़ा ख़बरें दुर्घटना देश-विदेश देहरादून देहरादून/मसूरी धर्म-संस्कृति धामी सरकार नैनीताल न्यूज़ पर्यटन पुलिस बाजार भारत मनोरंजन मौसम राजधानी दिल्ली राजनीति रुद्रपुर विदेश व्यापार शिक्षा सोशल मीडिया वायरल स्वास्थ्य हरिद्वार

Recent Posts

  • Google अकाउंट्स पर अब मिलेगा सिर्फ 5GB स्टोरेज, 15GB पाने के लिए करना होगा ये काम
  • सोशल मीडिया पर अश्लील वीडियो शेयर करना युवक को पड़ गया भारी, मुकदमा दर्ज
  • देहरादून में चेकिंग के दौरान स्कार्पियो में मिले एक करोड़ से अधिक रुपए, छिपाने के लिए बनाया था सीक्रेट केबिन
  • उत्तराखंड में फिर डोली धरती, उत्तरकाशी जिले में महसूस हुए भूकंप के झटके
  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Facebook
  • Twitter
  • Linkedin
  • VK
  • Youtube
  • Instagram
Copyright ©Uk Fast Khabar 2023, Design & Develop by Manish Naithani (9084358715). All rights reserved. | MoreNews by AF themes.